Diljale - Rangrej Sidhu - Lyrics In Hindi - Punjabi Song

Diljale by Rangrez Sidhu, Afsana Khan Feat Anjali Arora & Vishal Pandey in which music is given by The Litt boy & the lyrics of this latest Punjabi song

Diljale - Rangrej Sidhu - Lyrics In Hindi - Punjabi Song Song Info

Detailed information regaring song Diljale - Rangrej Sidhu - Lyrics In Hindi - Punjabi Song.

Caption Detail
Song Diljale Jale Ho Tum
Music The Litt Boy
Lyrics Rangrej Sidhu
Singers Rangrez Sidhu & Afsana Khan

Song Video

Song Lyrics

दिल जले हो तुम
दिल को जलाने आ गये
दिल जले हो तुम
दिल को जलाने आ गये

जब उसने भी तुम्हें
छोड दिया तो
दिल लगाने आ गये

जब उसने भी तुम्हें
छोड दिया तो
दिल लगाने आ गये

झूठ दी तू पाण्डेया ने
जुबानो निरी खण्डेंया ने
चकोर च लकोवे जेहडा
दाग अंबरा दा चन्नेया ने

दे गये जो गैर तुम्हें
आँसू दिखाने आ गये
दिल जले हो तुम
दिल को जलाने आ गये

दिल जले हो तुम
दिल को जलाने आ गये
जब उसने भी तुम्हें
छोड दिया तो
दिल लगाने आ गये

दिल जले हो तुम
दिल को जलाने आ गये
जब उसने भी तुम्हें
छोड दिया तो
दिल लगाने आ गये

दिल च फरेब तेरे
किने ही हज़ार वे
बोलदा सी झूठ मेनू
किने ही तू वार वे

उमरा दे वादे
किनिया दे नाल करके
किनिया नु चढ़ेया तू
आग विचकार वे

झूठी सी कहानिया
फिर से सुनाने आ गये
दिल जले हो तुम
दिल को जलाने आ गये

दिल तोड़ खारे केड़ा
मिलदा सकून वे
सिर तेरे जिस्मा दा
चढ़ेया जनून वि..

कल मैं सी आज होर
कलनु कोई होर होनी
तोड़े रंगरेज़ सारे
प्यार दे कनून वे

मिला ना होगा और कोई तो
मन बहलाने आ गये
दिल जले हो तुम
दिल को जलाने आ गये

दिल जले हो तुम
दिल को जलाने आ गये
जब उसने भी तुम्हें
छोड दिया तो
दिल लगाने आ गये..

दिल जले हो तुम

चेहरे से मासूम हो
दिल में तो फरेब है
तुमसे की मोहब्बत जो
अब प्यार से परहेज़ है

चैन भी गवाया मैंने
नीन्दो से गुरेज है
बेरंग तेरी जिंदगी
यूं नाम रंगरेज है

हाल कभी ना पुछा तुमने
हक़ जताने आ गये
दिल जले हो तुम
दिल को जलाने आ गये

दिल जले हो तुम
दिल को जलाने आ गये
जब उसने भी तुम्हें
छोड दिया तो
दिल लगाने आ गये

दिल जले हो तुम
दिल को जलाने आ गये
जब उसने भी तुम्हें
छोड दिया तो
दिल लगाने आ गये

दर्द मिला आँसूँ मिले
मिली तोह बस बेवफाई मिली
ना जाने कैसा दिल जला था

जितना पास गये
उतनी तन्हाई मिली
आखिरी बार भी आया था

मुझसे मिलने
उस वक़्त भी मिली
तोह बस जुदाई मिली

बिल्कुल। यह गीत मूल रूप से धोखे, अधूरे प्यार, बेवफाई और उस व्यक्ति के दोबारा लौट आने की कहानी है, जिसने पहले दिल तोड़ा था। इसमें गुस्सा भी है, दर्द भी है और एक तरह की भावनात्मक बेबसी भी।

🎵 पूरे गीत का भावार्थ

“दिल जले हो तुम, दिल को जलाने आ गये”

यहाँ गायक उस पुराने प्रेमी/प्रेमिका से कह रहा है:

तुम खुद भी प्रेम में चोट खा चुके हो, फिर मेरे पास मेरा दिल और जलाने क्यों आ गए?

यानी सामने वाला पहले ही किसी और से धोखा खा चुका है, लेकिन अब वह उसी दर्द को गायक के जीवन में भी दोहराने आया है।

“जब उसने भी तुम्हें छोड़ दिया तो, दिल लगाने आ गये”

इसका भाव काफी तीखा है।

गायक कहता है कि जब तुम्हें उस इंसान ने छोड़ दिया जिससे तुम प्यार करते थे, तभी तुम्हें मेरी याद आई और तुम मेरे पास प्यार करने चले आए।

इसमें शिकायत है कि शायद सामने वाले ने गायक को सच्चे प्यार से नहीं चुना, बल्कि अपना अकेलापन दूर करने के लिए चुना।


💔 “झूठ दी तू पांडेया ने, जुबानो निरी खंडेया ने…”

यह हिस्सा पंजाबी में है।

इसका भाव है कि:

तुमने अपनी बातों और वादों में झूठ भर रखा था। तुम्हारी जुबान पर मीठी बातें थीं, लेकिन उनमें सच्चाई नहीं थी।

“चकोर” और “चाँद” का इस्तेमाल प्रेम के प्रतीक के रूप में हुआ है। चकोर जिस तरह चाँद की ओर आकर्षित रहता है, उसी तरह प्रेम में इंसान अपने प्रिय के पीछे लगा रहता है।

लेकिन यहाँ उस खूबसूरत प्रेम के पीछे भी दाग और धोखा छिपा हुआ है।

“दे गये जो गैर तुम्हें, आँसू दिखाने आ गये”

जिस दूसरे व्यक्ति ने तुम्हें दर्द और आँसू दिए, उसके बाद तुम मेरे पास अपना दर्द लेकर आ गए।

लेकिन गायक के मन में सवाल है:

जब तुम्हें चोट लगी, तभी तुम्हें मेरा प्यार क्यों याद आया?


❤️‍🩹 “दिल च फरेब तेरे, किने ही हज़ार वे…”

“तुम्हारे दिल में हजारों छल-कपट हैं।”

गायक अब सामने वाले की असलियत पहचान चुका है।

वह कहता है:

तुमने मुझसे न जाने कितनी बार झूठ बोला।

यानी शुरुआत में उसे लगा था कि सामने वाला सच्चा है, लेकिन समय के साथ उसके झूठ सामने आते गए।

“उमरा दे वादे किनिया दे नाल करके…”

तुमने कितने ही लोगों से उम्रभर साथ रहने के वादे किए?

यह बहुत गहरी शिकायत है।

गायक को लगता है कि “हमेशा तुम्हारे साथ रहूँगा/रहूँगी” जैसे वादे उसके लिए विशेष नहीं थे—शायद सामने वाला ऐसे वादे कई लोगों से कर चुका है।

“किनिया नु चढ़ेया तू आग विचकार वे”

भाव यह है कि अपने झूठे प्यार और वादों से तुमने कितने लोगों को दर्द और भावनात्मक आग में झोंक दिया।

और फिर:

“झूठी सी कहानियाँ फिर से सुनाने आ गए”

गायक साफ कह देता है:

अब मुझे तुम्हारी वही पुरानी झूठी कहानियाँ दोबारा मत सुनाओ।


🥀 “दिल तोड़ खारे केड़ा, मिलदा सकून वे…”

यहाँ सवाल है:

किसी का दिल तोड़कर आखिर तुम्हें क्या सुकून मिलता है?

सामने वाला प्रेम को गंभीरता से नहीं लेता। उसके लिए आकर्षण और चाहत ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।

“सिर तेरे जिस्मा दा चढ़ेया जनून…”

यहाँ गायक सामने वाले के शारीरिक आकर्षण और वासना की ओर संकेत करता है।

मतलब यह कि तुम्हारे लिए प्यार केवल भावनात्मक रिश्ता नहीं रहा; तुम्हारे ऊपर शारीरिक आकर्षण का जुनून ज्यादा हावी है।


“कल मैं सी, आज होर, कलनु कोई होर होनी”

यह गीत की सबसे कड़वी पंक्तियों में से एक है।

भावार्थ:

कल मैं तुम्हारी जिंदगी में था/थी, आज कोई और है और कल शायद कोई तीसरा होगा।

यानी सामने वाला किसी एक व्यक्ति के प्रति स्थायी नहीं है।

आज एक इंसान, कल दूसरा।

“तोड़े रंगरेज़ सारे प्यार दे कानून वे”

“रंगरेज़” यहाँ प्रेम को रंग देने वाले व्यक्ति/प्रेमी के प्रतीक की तरह आता है।

भाव यह है कि तुमने प्यार के सारे नियम और उसकी पवित्रता तोड़ दी।

जहाँ प्यार में विश्वास, वफादारी और समर्पण होना चाहिए, वहाँ तुम्हारे लिए रिश्ते बदलते रहना सामान्य हो गया।

“मिला ना होगा और कोई तो मन बहलाने आ गये”

यहाँ गायक का दर्द और बढ़ जाता है।

वह कहता है:

शायद तुम्हें कोई और नहीं मिला, इसलिए मेरा मन बहलाने वापस आ गए।

अर्थात वह खुद को सामने वाले की पहली पसंद नहीं, बल्कि अकेलेपन का विकल्प महसूस कर रहा है।


😔 “चेहरे से मासूम हो, दिल में तो फरेब है”

बाहर से तुम बहुत मासूम दिखाई देते हो, लेकिन अंदर से तुम्हारे दिल में छल है।

यहाँ चेहरा बनाम दिल का विरोध दिखाया गया है:

  • चेहरा → मासूमियत
  • दिल → धोखा
  • बातें → प्यार
  • असलियत → फरेब

यानी सामने वाले की बाहरी छवि और असली चरित्र बिल्कुल अलग हैं।


“तुमसे की मोहब्बत जो, अब प्यार से परहेज़ है”

यह बहुत महत्वपूर्ण पंक्ति है।

गायक कहता है:

तुमसे प्यार करने के बाद अब मुझे प्यार से ही डर/परहेज़ होने लगा है।

यानी समस्या सिर्फ उस व्यक्ति से नहीं रही।

उसके धोखे ने गायक के प्यार पर से ही विश्वास को खत्म कर दिया।


🌙 “चैन भी गवाया मैंने, नींदों से गुरेज़ है”

तुमसे प्यार करके मैंने अपना सुकून खो दिया।

अब रात में नींद नहीं आती।

“गुरेज़” का अर्थ है दूरी/परहेज़

अर्थात प्रेम के कारण मानसिक बेचैनी इतनी बढ़ गई कि नींद और चैन दोनों चले गए।


🎨 “बेरंग तेरी जिंदगी, यूँ नाम रंगरेज़ है”

यह एक बहुत खूबसूरत लेकिन व्यंग्यात्मक पंक्ति है।

“रंगरेज़” वह होता है जो कपड़ों को रंग देता है।

लेकिन गायक कहता है:

तुम्हारा नाम तो रंग देने वाले जैसा है, लेकिन तुम्हारी अपनी जिंदगी ही बेरंग है।

यानी जो व्यक्ति दूसरों की जिंदगी में प्यार और रंग भरने का दावा करता है, वह खुद रिश्तों को बेरंग और बर्बाद कर देता है।


💔 “हाल कभी ना पूछा तुमने, हक़ जताने आ गये”

जब मैं तुम्हारे साथ था/थी, तब तुमने कभी मेरा हाल नहीं पूछा।

लेकिन अब जब तुम्हें जरूरत है, तो तुम मेरे ऊपर अपना अधिकार जताने आ गए।

यहाँ गायक की सबसे बड़ी शिकायत है:

जब मुझे तुम्हारी जरूरत थी, तुम नहीं थे। अब तुम्हें मेरी जरूरत है तो तुम मुझे अपना समझने लगे।


😢 अंतिम हिस्सा — सबसे गहरा दर्द

“दर्द मिला, आँसू मिले, मिली तो बस बेवफाई मिली”

गायक अपने पूरे रिश्ते का सार बता रहा है:

उसे प्यार से क्या मिला?

  • दर्द
  • आँसू
  • अकेलापन
  • बेवफाई

यानी जिस रिश्ते से खुशी मिलनी चाहिए थी, वही रिश्ता उसकी तकलीफ का कारण बन गया।


“ना जाने कैसा दिल जला था”

यहाँ वह अपने पुराने दर्द को याद कर रहा है।

इतना दर्द मिला कि उसका दिल अंदर से जल गया।

यह केवल गुस्सा नहीं है—यह टूट चुके इंसान की स्वीकारोक्ति है।


🥀 “जितना पास गये, उतनी तन्हाई मिली”

यह शायद पूरे गीत की सबसे powerful पंक्तियों में से एक है।

आमतौर पर हम सोचते हैं:

जितना किसी के करीब जाएंगे, उतना अकेलापन कम होगा।

लेकिन यहाँ उल्टा हुआ:

जितना वह व्यक्ति के करीब गया, उतना ही ज्यादा अकेला महसूस किया।

क्योंकि सामने वाला भावनात्मक रूप से उसके साथ कभी पूरी तरह था ही नहीं।

यह एक रिश्ते के अंदर मौजूद अकेलेपन की बात है।


💔 “आखिरी बार भी आया था मुझसे मिलने…”

अंत में सामने वाला आखिरी बार मिलने आया।

गायक के मन में शायद उम्मीद रही होगी कि:

शायद इस बार सब ठीक हो जाएगा।

लेकिन—

“उस वक़्त भी मिली तो बस जुदाई मिली”

आखिरी मुलाकात में भी उसे प्यार या मिलन नहीं मिला।

उसे मिली सिर्फ जुदाई।

और यही गीत का सबसे दुखद निष्कर्ष है:

जिस इंसान से सबसे ज्यादा प्यार किया, उसी से आखिरकार सबसे बड़ा अकेलापन और बिछड़ना मिला।


🧠 पूरे गीत का असली मतलब

अगर इस पूरे गीत को एक कहानी की तरह समझें, तो कहानी कुछ ऐसी है:

एक व्यक्ति ने किसी से सच्चा प्यार किया।
उसने सामने वाले पर भरोसा किया और उसके वादों को सच माना।

लेकिन सामने वाला वफादार नहीं निकला। उसने झूठ बोले, दूसरे लोगों से रिश्ते बनाए और गायक का दिल तोड़ दिया।

बाद में जब उस व्यक्ति को किसी और ने छोड़ दिया और वह खुद अकेला हो गया, तो वह गायक के पास वापस लौट आया।

लेकिन अब गायक बदल चुका है।

वह समझ चुका है कि:

“तुम मुझे प्यार करने नहीं, अपना अकेलापन दूर करने वापस आए हो।”

इसलिए वह उसे स्वीकार करने के बजाय उसके पुराने धोखे याद दिलाता है।

और अंत में पता चलता है कि इस रिश्ते ने गायक को इतना तोड़ दिया है कि अब उसे प्यार पर ही भरोसा नहीं रहा।

एक लाइन में भावार्थ:

“तुमने मुझे तब नहीं चुना जब मैं तुम्हें चाहता था; अब जब तुम अकेले हो, मेरे पास लौटकर मेरे जख्म फिर से मत कुरेदो।”

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