Mallika Mallika - Lyrical | Shaakuntalam | Samantha |

Shaakuntalam Movie also in 3D, Written & Directed by Gunasekhar, Presented by Dil Raju under Sri Venkateswara Creations in collaboration with

Mallika Mallika - Lyrical | Shaakuntalam | Samantha | Song Info

Detailed information regaring song Mallika Mallika - Lyrical | Shaakuntalam | Samantha |.

Caption Detail
Song Details
Song Name Mallika Mallika
Singer Ramya Behara
Music Director Mani Sharma
Lyricist Chaitanya Prasad

Song Video

Song Lyrics

MALLIKA MALLIKA SONG LYRICS TELUGU

మల్లికా మల్లికా… మాలతీ మాలికా
చూడవా చూడవా… ఏడి నా ఏలికా
మల్లికా మల్లికా… మాలతి మాలికా
చూడవా చూడవా… ఏడి నా ఏలిక

హంసికా హంసికా… జాగునే సేయకా
పోయిరా పోయిరా… రాజుతో రా ఇక
అతనికో కానుక… ఈయనా నేనిక
వలపుకే నేడొక… వేడుక కాగా

మహ నీలవేణి పూచే పూల ఆమని
రాజే చెంత చేరా.. రాజ్యాన్నేలు మా రాణి
మునుల ఘనుల మన వనసీమ
మరుని శరము పరమా
మధుర సుధల సుమమా, ఆ ఆ
మనసు నిలుపతరమా

స్వప్నికా చైత్రికా
నా ప్రియ నేత్రికా
చూడవా చూడవా
ఏడి నా ఏలికా

సాగుమా మేఘమా, (మేఘమా)
సాగుమా మేఘమా… స్వామినే చేరుమా
వానలే వీణలై… మా కథే పాడుమా
నీ చెలీ నెచ్చెలీ… చూలు దాల్చిందని
శీఘ్రమే రమ్మని… మార్గమే చూపుమా

మిల మిలా మెరిసెలే శారదాకాశమే
వెలవెలా వెన్నెలై… వేగే మా ప్రేమే
తార తోరణాలై తీర్చే నింగి దారులే
నేలే పాలపుంతై నింపే ప్రేమ దీపాలే

మరుల విరుల రసఝరి లోనా
మనసు తడిసె లలనా
అమల కమల నయనా
తెలిసె హృదయ తపనా
ఆకులో ఆకునై… ఆశ్రమ వాసివై
ఆశగా చూడనా… ఆతని రాకకై

ఓ చెలి ఓ చెలీ… ఎందుకే ఈ చలి
భూతలం నా మది… శీతలం అయినది
మంచులే ముంచిన… ఎంత వేధించినా
ఆతని అంశనే… వెచ్చగా దాచని
శిశిరమే ఆశలా… ఆకులే రాల్చిన
చిగురులే వేయగా చైత్రమే కానా

హేమంతాలు ఏలా… సీమంతాల వేళలో
చిందే ఏలా బాల… వాసంతలే నీలోనా
నెలలు గడచినవి నెలబాల
కదలి కడలి అలలా
అమర విమల సుమమా
సుగుణ మణిని కనుమా

కన్నులే వేచేలే… కాయలే కాచేలే
ఆశగా చూడగా… ఆతని రాకకై

MALLIKA MALLIKA SONG LYRICS ENGLISH

Mallika mallika maaliti maalika
Hai kahan hai kahan raja is dil ka

Mallika mallika maaliti maalika
Hai kahan hai kahan raja is dil ka
Hamsika hamsika jao na hamsika
Apne sang lao na raja is dil ka

Ek chhota sa phool mere bheetar khila
Aaj to pyaar ka lo ji tyohaar hai

Aaha neeveni phoolon ki tarah khili
Raja aayenge jab khud ko bhent karna

Jahan pe milte hain rishi muni
Wahan pe pyaar khila

Madhur milan yeh sapno ka
Shubh hi shubh hoga
Swapnika chaitrika o priye netrika
Hai kahan hai kahan raja is dil ka

Baadalon tum chalo tum chalo
Baadalon tum chalo swami se jab milo
Baarishon veena ban prem geet gao na
Priye ki kokh mein nanhi jaan hai pali
Jaldi aane kaho raah dikhlao na

Jagmagati huyi aaj ki raat hai
Chandini ki tarah apna yeh prem hai

Ratsa aasmaan mein taaron ne banaya

Dharti pe dilon ka mausam jagmagaya
Phoolon kaliyon ki charnon mein
Man yeh bheeg jaaye hai
Ori kamal naina prem yehi hai samjha
Sookhe patton sa hai aashram vaasi dil
Unke aane ki aas pe zinda hai

Hey priye hey priye preet kyun sheet hai
Mere man ki tarah dharti bhi dang hai
Jitni bhi barf ho jitne bhi dard hon
Is nanhi si jaan ki suraksha karo

Ummeedon ke sabhi patte murjh gaye
Jab yeh phoolenge main khilungi kya
Sardi se kya lena jab aayi godbharai
Chinta na karo priye khud mein tum basant ho

Maah maah hain beet gaye
Lehar lehar ki tarah
Sada rahe jo khilta hua
Ratna janma do

Raah woh dekh ke aankhein thak si gayi
Dil ko ummeed hai aayenge woh abhi

Lyrics Meaning In Hindi

“Mallika Mallika” गाने का पूरा अर्थ — हिंदी में

यह गीत मूल रूप से प्रतीक्षा, प्रेम, विरह और आने वाले मिलन की भावनाओं को व्यक्त करता है। गीत के संदर्भ में एक स्त्री अपने प्रिय/राजा के लौटने की प्रतीक्षा कर रही है। उसके मन में प्रेम के साथ-साथ एक नए जीवन के आने की खुशी और उसके प्रिय की अनुपस्थिति की पीड़ा भी है।

1. “मल्लिका मल्लिका… मालती मालिका”

यहाँ मल्लिका और मालती फूलों के नाम हैं। नायिका अपनी सखी को पुकारती हुई पूछती है कि उसके हृदय के राजा यानी प्रियतम कहाँ हैं।

भाव:
“हे सखी, मेरे प्रिय कहाँ हैं? क्या तुम उन्हें देख सकती हो? उन्हें मेरे पास ले आओ।”

यह शुरुआत ही नायिका की बेचैनी और प्रिय की प्रतीक्षा को स्थापित करती है।


2. “हंसिका हंसिका… जागुने सेयका”

नायिका अपनी सखी से कहती है कि अब देर मत करो। उसके प्रिय के पास जाओ और उन्हें अपने साथ लेकर वापस आओ।

“मेरे पास उनके लिए एक उपहार है।”

यह उपहार केवल कोई वस्तु नहीं, बल्कि उसका प्रेम और उसके मन की भावनाएँ हैं।

भावार्थ:
प्रेमिका चाहती है कि उसका प्रिय शीघ्र लौटे, क्योंकि उसके मन में प्रेम का उत्सव मनाने की इच्छा है।


3. “वसंत और फूलों” की कल्पना

गीत में फूलों, वन, मधुर रस और वसंत जैसे सुंदर प्राकृतिक प्रतीकों का इस्तेमाल किया गया है।

इनका अर्थ केवल प्रकृति का वर्णन करना नहीं है। यहाँ फूल = प्रेम, वसंत = मिलन और खुशी, और मधुर रस = प्रेम की मिठास का प्रतीक है।

नायिका की कल्पना में उसका प्रिय राजा बनकर आएगा और उसके जीवन को फिर से खुशियों से भर देगा।

सरल भाव:
“मेरे जीवन में प्रेम के फूल खिल रहे हैं। अब बस मेरे प्रिय के आने की कमी है।”


4. “स्वप्निका चैतिका… ना प्रिय नेत्रिका”

यहाँ नायिका का मन पूरी तरह अपने प्रिय में लगा हुआ है।

वह उसे अपने सपनों और आँखों का प्रिय मानती है। वह बार-बार पूछती है—

“वह कहाँ हैं?”

बार-बार एक ही प्रश्न आना उसकी गहरी प्रतीक्षा और बेचैनी को दिखाता है।


5. “सागुमा मेघमा…” — बादलों से संदेश

अब नायिका बादलों को संदेशवाहक बनाती है।

वह बादलों से कहती है:

“तुम मेरे स्वामी के पास जाओ और उन्हें मेरा संदेश सुनाओ।”

वह चाहती है कि बारिश की बूंदें वीणा की तरह बजें और उसकी प्रेम-कथा गाएँ।

यह भारतीय काव्य परंपरा में बहुत सुंदर प्रतीक है—बादल दूर बैठे प्रिय तक संदेश पहुँचाने वाले दूत बन जाते हैं।


6. “नी चेली नेच्चेली चूलु दाल्चिंदनी…”

यह गीत का बहुत महत्वपूर्ण भाव है।

यहाँ नायिका अपने प्रिय को बताना चाहती है कि उसके गर्भ में उनके प्रेम की निशानी पल रही है।

अर्थात वह माँ बनने वाली है।

इसीलिए वह बादलों से कहती है:

“उन्हें जल्दी आने के लिए कहना और उन्हें मेरे पास आने का रास्ता दिखाना।”

यहाँ प्रेम केवल रोमांटिक भावना नहीं रह जाता, बल्कि मातृत्व और परिवार की प्रतीक्षा से जुड़ जाता है।


7. “मिल मिला मेरिसेले शारदा आकाशमे…”

अब प्रकृति फिर से प्रेम का प्रतिबिंब बन जाती है।

आकाश तारों से चमक रहा है और चाँदनी चारों ओर फैली है।

नायिका के लिए यह सुंदर रात उसके प्रेम जैसी है।

भावार्थ:
“पूरा आकाश जैसे हमारे प्रेम का उत्सव मना रहा है। तारे रास्ते सजा रहे हैं और धरती प्रेम के दीपों से जगमगा रही है।”

यह हिस्सा आशा और खुशी से भरा हुआ है।


8. “आकुलो आकुनै… आश्रम वासिवै”

यहाँ भाव अचानक अधिक विरहपूर्ण हो जाता है।

नायिका अपने प्रिय से दूर है और आश्रम में उसके आने की प्रतीक्षा कर रही है।

वह कहती है कि वह सूखे पत्ते की तरह प्रतीक्षा में जी रही है।

लेकिन उसके भीतर अभी भी एक आशा है—

“वह आएँगे।”

यही आशा उसे जीवित रखती है।


9. “ओ चेली ओ चेली… क्यों है यह ठंड?”

अब गीत में सर्दी और ठंड का इस्तेमाल विरह के प्रतीक के रूप में होता है।

नायिका कहती है:

“यह इतनी ठंड क्यों है? मेरा मन भी इस धरती की तरह ठंडा और सूना हो गया है।”

असल में ठंड केवल मौसम की ठंड नहीं है।

यह उसके प्रिय की अनुपस्थिति से पैदा हुआ भावनात्मक खालीपन है।


10. “मंचुले मुम्चिना… आतनि अंशने वेच्चगा दाचनी”

वह कहती है कि चाहे कितनी भी ठंड हो और चाहे कितनी भी तकलीफ क्यों न हो, वह अपने गर्भ में पल रहे बच्चे को अपने प्रिय की निशानी समझकर संभालेगी।

भाव:
“मेरे प्रिय मेरे पास नहीं हैं, लेकिन उनका अंश मेरे भीतर है। उसी की वजह से मेरे भीतर गर्माहट और उम्मीद बनी हुई है।”

यह गीत की सबसे भावुक भावनाओं में से एक है।


11. “शिशिरमे आशला… चिगुरुले वेयगा…”

शिशिर = सर्दी का मौसम
चैत्र = वसंत/नई शुरुआत का समय

नायिका कहती है कि अभी सर्दी है, पत्ते गिर रहे हैं, लेकिन एक दिन नई कोंपलें जरूर आएँगी।

यह वास्तव में उसके जीवन का रूपक है।

सर्दी = वर्तमान दुख और अकेलापन
नई कोंपलें = आने वाली खुशी और नया जीवन

अर्थात:

“यह कठिन समय हमेशा नहीं रहेगा। एक दिन मेरे जीवन में फिर से वसंत आएगा।”


12. “हेमंतालु एला… सीमंताल वेलेलो”

यहाँ सीमंत का संबंध गर्भवती महिला के लिए होने वाली पारंपरिक रस्म से है।

नायिका माँ बनने की अवस्था में है और इस समय अपने प्रिय की उपस्थिति चाहती है।

वह सोचती है कि उसके जीवन में आने वाला बच्चा उसके दुखों को खुशी में बदल देगा।

भाव:
“मेरे जीवन में मातृत्व का उत्सव आया है। अब मेरे प्रिय भी मेरे साथ हों, यही मेरी सबसे बड़ी इच्छा है।”


13. “नॆललु गडचिनवि…”

अब काफी समय बीत चुका है।

नायिका लगातार प्रतीक्षा कर रही है।

समय लहरों की तरह आगे बढ़ता जा रहा है, लेकिन प्रिय अभी तक नहीं आया।

यहाँ गीत में इंतजार की लंबाई और बेचैनी बहुत स्पष्ट हो जाती है।


14. “कन्नुले वेचेले… कायलॆ काचेलॆ”

इसका भाव है:

“मेरी आँखें लगातार रास्ता देख-देखकर थक गई हैं।”

वह अपने प्रिय के आने की राह देख रही है।

आँखों का इंतजार करना वास्तव में उसके पूरे मन के इंतजार का प्रतीक है।


पूरे गीत का सरल हिंदी सार

“Mallika Mallika” मूलतः एक ऐसी स्त्री की कहानी जैसा भाव देता है जो अपने प्रिय की राह देख रही है। उसका प्रिय उससे दूर है और वह चाहती है कि वह जल्द वापस आए।

शुरुआत में उसके भीतर प्रेम और मिलन की इच्छा है। वह अपनी सखियों से प्रिय को खोजने और वापस लाने के लिए कहती है।

फिर वह बादलों को संदेशवाहक बनाकर अपने प्रिय तक संदेश भेजना चाहती है। वह बताना चाहती है कि वह माँ बनने वाली है और उसके गर्भ में उनके प्रेम की निशानी पल रही है।

प्रिय की अनुपस्थिति के कारण उसका जीवन सर्दी और सूखे पत्तों जैसा हो गया है, लेकिन उसके अंदर उम्मीद खत्म नहीं हुई। उसे विश्वास है कि जैसे सर्दी के बाद वसंत आता है और सूखे पेड़ों पर नई कोंपलें आती हैं, वैसे ही उसके जीवन में भी खुशी वापस आएगी।

अंत में वह लगातार रास्ता देखती रहती है—उसकी आँखें थक चुकी हैं, लेकिन उम्मीद अभी बाकी है कि उसका प्रिय आएगा।

गीत के मुख्य प्रतीक

प्रतीकअर्थ
🌸 फूलप्रेम और सुंदरता
🌧️ बादलप्रिय तक संदेश पहुँचाने वाला दूत
❄️ सर्दीविरह, अकेलापन और दुख
🌱 नई कोंपलेंनई आशा और नया जीवन
🌸 वसंतखुशी और मिलन
🌙 चाँदनीप्रेम और रोमांटिक वातावरण
👶 गर्भ में बच्चाप्रेम की निशानी और भविष्य की आशा
👀 रास्ता देखती आँखेंप्रिय की प्रतीक्षा

एक वाक्य में: यह गीत एक प्रेमिका/पत्नी की उस गहरी प्रतीक्षा को व्यक्त करता है जिसमें प्रिय की याद, विरह का दर्द, माँ बनने की खुशी और उसके लौटने की अटूट आशा—चारों भाव एक साथ मौजूद हैं।

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Song Details : Song Name : Mallika Mallika Singer : Ramya Behara Music Director : Mani Sharma Lyricist : Chaitanya Prasad

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