Ghagra Song Lyrics in Hindi
साहेबान कदरदान मेहरबान
ऐ दिल थाम के बैठिये
क्युंकी अब आपके सामने तशरीफ़ ला रही है
आगरा की अजीन फंकारा
मल्लिका-ऐ-हुस्न नूर-ऐ-नज़र
मोहतरमा, मोहिनी
यह निगाहें नश्तर यह होंठ कौसर
मेरी आगोश में होश में बेहोश हो गया
वाह वाह
अभी वक़्त है निकाल लो भाईलोग नहीं तो कल सुबह अफ़सोस होगा
हा हा हा हा
ये शोखी ये अदायें ये बांकपन
इनकी कीमत भले दुनिया तय कर सकती है क्या
वाह वाह
अच्छा चल इतना बता तीनों का मिला के पैकेज में कुछ कम करती है क्या
हा हा हा हा
बर्खुदार हुस्न का मज़ाक ना उड़ा
कहीं हुस्न के हाथों तेरा मज़ाक न बन जाये
मनचला है खूबसूरत है मगर लड़का है तू
तुझे लड़कों और मर्दों में फर्क कौन समझाए
लड़के ओ रे लड़के
कहा से आया है रे तू
प्यारा है शकल से
अकल का मारा है रे तू
लड़के ओ रे लड़के
कहा से आया है रे तू
प्यारा है शकल से
अकल का मारा है रे तू
हाँ जल गयी हाँ जल गयी
मेरी बातो से तू जल गयी
हाँ खल गयी तुझे खल गयी
मेरी बेपरवाही खल गयी
मोहतरमा तू किस खेत की मुली
है ज़रा बता
टीवी पे ब्रेकिंग न्यूज़ हाये रे मेरा घागरा हाये
बगदाद से लेके दिल्ली वाया आगरा
टीवी पे ब्रेकिंग न्यूज़ हाये रे मेरा घागरा हाये
बगदाद से लेके दिल्ली वाया आगरा
घागरा घागरा तेरा घागरा घागरा
तेरा घागरा घागरा वाया आगरा
घागरा घागरा तेरा घागरा घागरा
तेरा घागरा घागरा वाया आगरा
घागरा घागरा
घागरा घागरा
मैं हवा, तो उड़ जा
घटा, तो मुड़ जा
कली, कहा की
अदा, हत अभी
बड़ा बेशरम है तू तो लिखा है पढ़ा
ये कमर, छुपा ले
नज़र, घुमा ले
पता, मैं पुछू
उमर, तू जाने
देखो बेरुखी पे कैसे अटका है पड़ा
हाँ ढल गयी ये ढल गयी
तू शाम की तरह ढल गयी
हाँ खल गयी तुझे खल गयी
मेरी बेपरवाही खल गयी
मोहतरमा तू किस खेत की मुली
है ज़रा बता
बेमतलब की
बेमतलब की बकवास तेरा घागरा
बगदाद हो या हो दिल्ली वाया आगरा
टीवी पे ब्रेकिंग न्यूज़ हाये रे मेरा घागरा
बगदाद से लेके दिल्ली वाया आगरा
हाये रे मेरा घागरा
मेरा घागरा घागरा
हाये रे मेरा घागरा
घागरा मेरा मेरा मेरा
हो, क्या बात है भाई
मैं नशा, उतर जा
खता, सुधर जा
इतर, मैं सुन्घु
ग़ज़ल, मैं गाऊ
ऐसे बन रहा है जैसे कोई तोप है
मैं मजा, मैं चाहू
सजा, मैं काटू
रजा, मैं पुछू
जुआ, क्यूँ खेलु
होपलेस है तू फिर भी थोड़ी होप है
हाँ टल गयी हाँ टल गयी
आफत की तरह टल गयी
हाँ खल गयी तुझे खल गयी
मेरी बेपरवाही खल गयी
मोहतरमा तू किस खेत की मुली
है ज़रा बता
उडती फिरती अफवाह है तेरा घागरा
बगदाद हो या हो दिल्ली वाया आगरा
टीवी पे ब्रेकिंग न्यूज़ हाये रे मेरा घागरा
हा बगदाद से लेके दिल्ली वाया आगरा
घागरा घागरा तेरा घागरा घागरा
तेरा घागरा घागरा वाया आगरा
घागरा घागरा तेरा घागरा घागरा
तेरा घागरा घागरा वाया आगरा
घागरा घागरा
घागरा घागरा
Ghagra Song Lyrics in English
Sahebaan kadardaan meharbaan
A dil thaam ke baithiye
Kyunki ab aapke saamne tashreef la rahi hain
Agra ki azeem fankaara
Mallika-e-husn noor-e-nazar
Mohtarma mohini
Yeh nigahein nashtar yeh honth kausar
Meri aagosh mein hosh bhi behosh hoga
Waah Waah…
Abhi waqt hai nikal lo bhailog nahi to kal subah afsos hoga
Ha ha…
Yeh shokhi yeh adaayein yeh baankpan
Inki keemat bhala duniya tay kar sakti hai kya
Waah Waah…
Accha chal itna bata teenon ka mila ke package mein kuch kam karti hai kya
Ha ha…
Barkhudaar, husn ka mazaak na uda
Kahin husn ke haathon tera mazaak na ban jaay
Manchala hai khoobsoorat hai magar ladka hai tu
Tujhe ladkon aur mardon mein fark kaun samjhaaye
Ladke o re ladke
Kahan se aaya hai re tu
Pyara hai re shakal se
Akal ka mara hai re tu
Ladke o re ladke
Kahan se aaya hai re tu
Pyara hai re shakal se
Akal ka mara hai re tu
Haan jal gayi haan jal gayi
Meri baaton se tu jal gayi
Haan khal gayi tujhe khal gayi
Meri beparwahi khal gayi
Mohtarma tu kis khet ki mooli
Hai zara bata
TV pe breaking news haye re mera ghagra
Baghdad se leke dilli via agra
TV pe breaking news haye re mera ghagra haye
Baghdad se leke dilli via agra
Ghagra ghagra tera ghagra ghagra
Tera ghagra ghagra via agra
Ghagra ghagra tera ghagra ghagra
Tera ghagra ghagra via agra
Ghagra ghagra
Ghagra ghagra
Main hawa, toh ud ja
Ghata, toh mud ja
Kali, kahan ki
Adaa, hat abhi
Bada besharam hai tu to likha hai padha
Ye kamar, chhupa le
Nazar, ghuma le
Pata, main poochhun
Umar, tu jaane
Dekho berukhi pe kaise atka hai pada
Haan dhal gayi yeh dhal gayi
Tu shaam ki tarah dhal gayi
Haan khal gayi tujhe khal gayi
Meri beparwahi khal gayi
Mohtarma tu kis khet ki mooli
Hai zara bata
Bematlab ki
Bematlab ki bakwas tera ghagra
Baghdad ho ya ho delhi via agra
TV pe breaking news haye re mera ghagra
Baghdad se leke dilli via agra
Haaye re mera ghagra
Mera ghagra ghagra
Haay re mera ghagra
Ghagra mera mera mera
Hoo, kya baat hai bhai
Main nasha,utar ja
Khata, sudhar ja
Itar, main soonghoon
Ghazal, main gaaun
Aise ban raha hai jaise koi to tope hai
Main maza, main chahoon
Saza, main kaatoon
Raza, main poochhoon
Juaa, kyu kheloon
Hopeless hai tu phir bhi thodi hope hai
Haan tal gayi haan tal gayi
Aafat ki tarah tal gayi
Haan khal gayi tujhe khal gayi
Meri beparwahi khal gayi
Mohtarma tu kis khet ki mooli
Hai zara bata
Udti phirti afwah tera ghagra
Baghdad ho ya delhi via agra
TV pe breaking news haye re mera ghagra
Baghdad se leke dilli via agra
Ghagra ghagra tera ghagra ghagra
Tera ghagra ghagra via agra
Ghagra ghagra tera ghagra ghagra
Tera ghagra ghagra via agra
Ghagra ghagra
Ghagra ghagra
Lyrics Meaning In Hindi
ज़रूर। यह गीत “Ghagra” मूलतः एक चुलबुले, नोक-झोंक वाले संवाद की तरह है, जिसमें नर्तकी/मोहिनी और एक मनचले लड़के के बीच छेड़छाड़, ताने और मज़ाक चलता है। इसमें कई शब्द उर्दू, फ़ारसी और मुहावरेदार हिंदी से आए हैं, इसलिए शाब्दिक अर्थ से ज़्यादा इसका भाव समझना उपयोगी है।
मैं आपके दिए हुए बोलों का पूरा भावार्थ हिंदी में, हिस्से-दर-हिस्से समझाता हूँ।
1. शुरुआत — मोहिनी का परिचय
“साहेबान, कदरदान, मेहरबान…”
इसका अर्थ है—
“हे सम्मानित और कद्र करने वाले लोगों, ज़रा दिल थामकर बैठिए, क्योंकि अब आपके सामने एक बेहद खूबसूरत कलाकार मोहिनी आने वाली है।”
यह अंदाज़ पुराने ज़माने के नाच-तमाशे या महफ़िल में कलाकार के परिचय जैसा है।
- साहेबान = सज्जनो
- कदरदान = कला/खूबसूरती की कद्र करने वाले
- मेहरबान = कृपालु/सम्मानित लोग
- तशरीफ़ लाना = आना
- फनकारा = महिला कलाकार
- मल्लिका-ए-हुस्न = सुंदरता की रानी
- नूर-ए-नज़र = आँखों का नूर/बहुत प्यारी व्यक्ति
यानी मोहिनी का परिचय जानबूझकर बहुत शाही और नाटकीय अंदाज़ में कराया जा रहा है।
2. “निगाहें नश्तर, होंठ कौसर” — खूबसूरती की अतिशयोक्ति
“ये निगाहें नश्तर, ये होंठ कौसर…”
यहाँ मोहिनी की सुंदरता की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर तारीफ़ की जा रही है।
- निगाहें = आँखों की नज़र
- नश्तर = चाकू/नुकीला औज़ार
- कौसर = इस्लामी परंपरा में जन्नत की एक नदी; यहाँ अत्यंत सुंदर/मधुर चीज़ के रूपक में
- आगोश = बाँहों का घेरा/आलिंगन
भाव यह है कि उसकी आँखों की नज़र इतनी असरदार है कि सामने वाला घायल-सा हो जाए और उसके आकर्षण में अपना होश खो बैठे।
फिर लड़के को चेतावनी दी जाती है कि अभी समय है, निकल जाओ, वरना सुबह पछताओगे। यह पूरी तरह मज़ाकिया और छेड़छाड़ वाला अंदाज़ है।
3. लड़के की बदतमीज़ी और मोहिनी का जवाब
लड़का उसकी सुंदरता की तारीफ़ करते-करते उसे ऐसे देखने लगता है जैसे वह कोई वस्तु हो जिसकी कीमत लगाई जा सकती है।
इसीलिए मोहिनी उसे जवाब देती है:
“हुस्न का मज़ाक न उड़ा, कहीं हुस्न के हाथों तेरा मज़ाक न बन जाए।”
अर्थ:
मेरी सुंदरता को हल्के में मत ले। कहीं ऐसा न हो कि तुम्हारी यही अकड़ तुम्हारे लिए मज़ाक बन जाए।
फिर वह लड़के को मनचला और खूबसूरत, लेकिन नासमझ कहती है।
“तुझे लड़कों और मर्दों में फर्क कौन समझाए”
यह एक ताना है—
“सिर्फ शक्ल से बड़ा या आकर्षक होना काफी नहीं है; समझदारी और परिपक्वता भी होनी चाहिए।”
4. “लड़के ओ रे लड़के…” — मुख्य ताना
इसका सीधा भाव है:
अरे लड़के, तू कहाँ से आ गया? शक्ल से तो प्यारा है, लेकिन अक्ल से बिल्कुल कमजोर है।
“प्यारा है शक्ल से, अक्ल का मारा है रे तू”
यह गीत की एक महत्वपूर्ण लाइन है क्योंकि यहाँ मोहिनी उसकी शक्ल की तारीफ़ भी करती है और उसी समय उसकी बुद्धि का मज़ाक भी उड़ाती है।
यानी:
Looks अच्छे हैं, लेकिन दिमाग नहीं है।
5. “जल गयी / खल गयी” — उसकी बेपरवाही का असर
“हाँ जल गयी, मेरी बातों से तू जल गयी…”
यहाँ “जलना” का अर्थ सचमुच आग में जलना नहीं है।
मुहावरे में इसका मतलब है:
मेरी बातों से तुझे बुरा लग गया / तुझे मेरी बात चुभ गई।
और:
“मेरी बेपरवाही खल गयी”
का अर्थ:
मेरा तुम्हें कोई खास महत्व न देना तुम्हें बुरा लग रहा है।
यानी लड़का मोहिनी का ध्यान चाहता है, लेकिन मोहिनी जानबूझकर उसे भाव नहीं देती। इससे लड़का और बेचैन होता है।
6. “मोहतरमा तू किस खेत की मूली है?”
यह एक मज़ेदार हिंदी मुहावरा है।
“किस खेत की मूली” का अर्थ होता है:
“तुम अपने आपको समझती क्या हो?”
“तुम कौन-सी बहुत बड़ी चीज़ हो?”
“तुम्हारी इतनी अकड़ क्यों है?”
यहाँ लड़का मोहिनी की अकड़ को चुनौती दे रहा है।
7. “टीवी पे ब्रेकिंग न्यूज़ — हाय रे मेरा घागरा”
अब गीत का सबसे प्रसिद्ध और मज़ेदार हिस्सा आता है।
“टीवी पे ब्रेकिंग न्यूज़, हाय रे मेरा घागरा, बगदाद से लेके दिल्ली वाया आगरा”
यह मूलतः अतिशयोक्ति और हास्य है।
भाव यह है:
मेरा घागरा इतना चर्चा में है कि मानो उसकी खबर पूरे देश-दुनिया में फैल गई हो—बगदाद से दिल्ली तक, और रास्ता आगरा से होकर जा रहा है।
यहाँ “ब्रेकिंग न्यूज़” का इस्तेमाल मज़ाक के लिए है। यानी मोहिनी का घागरा इतना आकर्षण और चर्चा पैदा कर रहा है जैसे कोई बहुत बड़ी खबर हो।
“वाया आगरा” = आगरा के रास्ते।
8. “घागरा घागरा…” — इसका भाव
बार-बार “घागरा” कहना किसी गहरे दार्शनिक अर्थ के लिए नहीं है।
यह गीत का catchy hook है—ऐसा हिस्सा जिसे सुनते ही लोग साथ गुनगुना सकें।
घागरा यहाँ मोहिनी की पोशाक, नृत्य, आकर्षण और पूरे तमाशे का प्रतीक बन जाता है।
9. “मैं हवा तो उड़ जा, घटा तो मुड़ जा…”
यह हिस्सा काफी शब्द-खेल वाला है।
मोहिनी लड़के से कहती है कि:
अगर तुम हवा हो तो उड़ जाओ, बादल हो तो मुड़ जाओ; इतना नखरा और अकड़ मत दिखाओ।
फिर वह उसके बेशर्म होने पर ताना मारती है।
“बड़ा बेशरम है तू…”
अर्थ:
तुम बिना झिझक के लगातार मेरे पीछे पड़े हो और अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे।
10. “ये कमर छुपा ले, नज़र घुमा ले…”
यहाँ दोनों के बीच फ्लर्टिंग और छेड़छाड़ चल रही है।
लड़का मोहिनी की सुंदरता पर ध्यान दे रहा है और मोहिनी उसे उल्टा चिढ़ाती है:
अपनी नज़र संभालो, इतनी घूरने की ज़रूरत नहीं है।
फिर:
“उमर, तू जाने”
का भाव है:
अपनी उम्र और अपनी मर्यादा का ध्यान खुद रखो।
यानी मोहिनी उसे सीमाएँ समझाने के अंदाज़ में भी चिढ़ा रही है।
11. “हाँ ढल गयी… तू शाम की तरह ढल गयी”
यहाँ मोहिनी की तुलना शाम से की गई है।
भाव:
तुम शाम की तरह धीरे-धीरे ढलती/बदलती हुई लग रही हो।
लेकिन साथ ही “मेरी बेपरवाही खल गयी” दोहराया जाता है।
इसका मतलब है कि लड़का उसकी तरफ आकर्षित है और मोहिनी के भाव न देने से परेशान है।
12. “बेमतलब की बकवास तेरा घागरा…”
अब दोनों एक-दूसरे की बातों को काट रहे हैं।
भाव लगभग यह है:
तुम्हारे घागरे की इतनी चर्चा और बातें सब बेकार की बकवास हैं।
फिर वही बगदाद–दिल्ली–आगरा वाला मज़ाक दोहराया जाता है।
यानी गीत में कहानी आगे बढ़ने के बजाय नोक-झोंक को हास्यपूर्ण तरीके से बढ़ाया जाता है।
13. “मैं नशा, उतर जा / खता, सुधर जा…”
यह हिस्सा शब्दों के साथ खेलने का अच्छा उदाहरण है।
नशा उतर जाना = किसी चीज़ का असर खत्म होना।
मोहिनी का भाव:
मेरा आकर्षण तुम्हारे ऊपर नशे जैसा चढ़ गया है, अब इससे बाहर निकलो और सुधर जाओ।
“खता, सुधर जा”
खता = गलती।
अर्थ:
जो गलती कर रहे हो, उसे सुधारो।
“इतर, मैं सूंघूँ / ग़ज़ल, मैं गाऊँ”
यहाँ मोहिनी खूबसूरत चीज़ों—इत्र, ग़ज़ल आदि—का ज़िक्र करके एक नज़ाकत भरा, शायराना अंदाज़ बनाती है।
14. “ऐसे बन रहा है जैसे कोई तोप है”
यह लड़के की अकड़ का मज़ाक है।
भाव:
तुम ऐसे अकड़कर घूम रहे हो जैसे बहुत बड़े ताकतवर आदमी हो।
लेकिन मोहिनी उसे गंभीरता से नहीं ले रही।
15. “मैं मज़ा, मैं चाहूँ / सज़ा, मैं काटूँ…”
यहाँ फिर शब्दों का खेल है:
- मज़ा
- सज़ा
- रज़ा
- जुआ
इन शब्दों को एक साथ रखकर गीत में लय और हास्य पैदा किया गया है।
“रज़ा” = इच्छा/मर्ज़ी
“जुआ” = gambling/bet
“जुआ क्यों खेलूँ?”
भाव:
मैं क्यों बेवजह जोखिम उठाऊँ या तुम्हारे साथ यह खेल खेलूँ?
16. “Hopeless है तू, फिर भी थोड़ी hope है”
यह एक मज़ेदार Hindi-English wordplay है।
Hopeless = जिससे कोई उम्मीद न हो।
लेकिन:
“फिर भी थोड़ी hope है”
का अर्थ:
तुम कितने भी नासमझ क्यों न हो, फिर भी शायद तुममें कुछ संभावना है।
यहाँ मोहिनी पूरी तरह उसे खारिज भी नहीं करती। वह ताने और आकर्षण दोनों को साथ लेकर चलती है।
17. “हाँ टल गयी, आफ़त की तरह टल गयी”
टलना = किसी मुसीबत का दूर हो जाना या टल जाना।
“आफ़त की तरह टल गयी”
भाव:
कोई बड़ी मुसीबत जैसे टल गई।
यहाँ भी मोहिनी लड़के को गंभीरता से लेने के बजाय मज़ाक उड़ाती है।
फिर वही:
“मेरी बेपरवाही खल गयी”
यानी:
तुम्हें मेरा तुम्हें भाव न देना अभी भी परेशान कर रहा है।
18. “उड़ती-फिरती अफ़वाह है तेरा घागरा”
यह एक और अतिशयोक्ति है।
अफ़वाह उड़ना = किसी बात का बहुत तेजी से फैलना।
तो:
तुम्हारे घागरे की चर्चा इतनी फैल रही है जैसे कोई अफ़वाह हवा में उड़ रही हो।
फिर बगदाद से दिल्ली वाया आगरा कहकर उस बात को जानबूझकर और भी हास्यास्पद रूप से बड़ा बना दिया जाता है।
पूरे गीत का सरल सार
अगर पूरे गीत को बहुत आसान हिंदी में समझें, तो कहानी कुछ ऐसी है:
एक बेहद खूबसूरत और आत्मविश्वासी नर्तकी/महिला कलाकार मोहिनी महफ़िल में आती है। एक मनचला लड़का उसकी सुंदरता से प्रभावित होकर उससे छेड़छाड़ करने लगता है। मोहिनी उसकी बातों का सीधा जवाब देने के बजाय उसे चिढ़ाती है और उसकी अक्ल का मज़ाक उड़ाती है।
लड़का भी पीछे नहीं हटता और उसके रूप, अदाओं और घागरे की तारीफ़/चर्चा करता रहता है। दोनों के बीच लगातार ताने, मज़ाक, शायरी, मुहावरे और flirtation चलता रहता है।
“घागरा” गीत का मुख्य हास्यपूर्ण प्रतीक है। उसके घागरे की चर्चा को “ब्रेकिंग न्यूज़”, “बगदाद से दिल्ली वाया आगरा” और “उड़ती-फिरती अफ़वाह” जैसी अतिशयोक्तियों से इतना बड़ा बनाया गया है कि वह एक मज़ेदार तमाशा बन जाता है।
मूल भावना रोमांटिक आकर्षण + छेड़छाड़ + नोक-झोंक + हास्य + नृत्य की है।
कुछ कठिन शब्दों का अर्थ
| शब्द | सरल हिंदी अर्थ |
|---|---|
| कदरदान | कद्र करने वाला |
| मेहरबान | कृपालु/दयालु |
| तशरीफ़ लाना | आना |
| फनकारा | महिला कलाकार |
| मल्लिका-ए-हुस्न | सुंदरता की रानी |
| नूर-ए-नज़र | आँखों का नूर/बहुत प्यारा |
| निगाह | नज़र |
| नश्तर | चाकू जैसा नुकीला औज़ार |
| कौसर | जन्नत की नदी; रूपक में अत्यंत सुंदर/मधुर |
| आगोश | बाँहों का घेरा |
| शोखी | चंचलता/नटखटपन |
| अदाएँ | आकर्षक हाव-भाव |
| बाँकपन | सुंदर अंदाज़/अकड़ वाली आकर्षक शैली |
| बर्खुदार | संबोधन, जैसे “बेटा/जनाब” |
| मनचला | छेड़छाड़ करने वाला/चंचल प्रेमी |
| बेपरवाही | ध्यान न देना |
| खलना | बुरा लगना/चुभना |
| मोहतरमा | सम्मान से महिला को संबोधित करना |
| आफ़त | मुसीबत |
| रज़ा | इच्छा/मर्ज़ी |
| इतर | सुगंधित perfume |
| ग़ज़ल | शायरी की एक काव्य-विधा |
| वाया | होकर/के रास्ते |
एक लाइन में: यह गीत किसी गंभीर प्रेम-कहानी से ज्यादा एक खूबसूरत, आत्मविश्वासी मोहिनी और उसके पीछे पड़े मनचले लड़के की मज़ेदार flirtatious नोक-झोंक है, जिसमें “घागरा” को हास्य और आकर्षण के केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया गया है।
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