Subhanallah Song Lyrics in Hindi
एक दिन कभी जो खुद को तराशे
मेरी नज़र से तू ज़रा
हाय रे
आखों से तेरी क्या क्या छुपा है
तुझको दिखाऊं मैं ज़रा
हाय रे
एक अनकही सी दास्ताँ, दास्ताँ
केहने लगेगा आइना
सुभानअल्लाह
जो हो रहा है पहेली दफा है
वल्लाह, ऐसा हुआ
सुभान-अल्लाह
जो हो रहा है पहेली दफा है
वल्लाह, ऐसा हुआ
मेरी खामोशी से बातें चुन लेना
उनकी डोरी से तारीफें बून लेना
हाँ मेरी खामोशी से बातें चुन लेना
उनकी डोरी से तारीफें बून लेना
कल नहीं थी जो आज लगती हूँ
तारीफ़ मेरी है खामखाँ
तोहफा है तेरा मेरी अदा
हाँ एक दिन कभी जो खुद को पुकारे
मेरी ज़बां से तू ज़रा
हाय रे
तुझमें छुपी सी जो शायरी है
तुझको सुनाऊं मैं ज़रा
हाय रे
ये तो दिलों का वास्ता वास्ता
खुल के बताया जाए ना
सुभान-अल्लाह
जो हो रहा है पहेली दफा है
वल्लाह, ऐसा हुआ
सुभान-अल्लाह
जो हो रहा है, पहेली दफा है
वल्लाह, ऐसा हुआ
सुभान-अल्लाह
जो हो रहा है, पहेली दफा है
वल्लाह, ऐसा हुआ
सुभान-अल्लाह
जो हो रहा है, पहेली दफा है
वल्लाह, ऐसा हुआ
Lyrics Meaning In Hindi
बिल्कुल। “Subhanallah” गाने का भाव मूल रूप से उस पल के बारे में है जब कोई व्यक्ति अपने प्रेमी/प्रेमिका की नज़र से खुद को पहली बार एक नए, खूबसूरत रूप में देखने लगता है। इसमें प्रेम, तारीफ़, आकर्षण और अपनी छिपी खूबसूरती को किसी दूसरे की नज़र से पहचानने की भावना है।
पहली पंक्तियों का अर्थ
“एक दिन कभी जो खुद को तराशे, मेरी नज़र से तू ज़रा”
अगर तुम कभी खुद को मेरी नज़रों से देखो, तो तुम्हें एहसास होगा कि तुम कितने खूबसूरत हो।
यहाँ प्रेमी कह रहा है कि इंसान अक्सर अपनी खूबियाँ खुद नहीं देख पाता, लेकिन जिसे हम प्यार करते हैं, उसकी नज़र हमें हमारी खूबसूरती दिखा देती है।
“आँखों से तेरी क्या-क्या छुपा है, तुझको दिखाऊँ मैं ज़रा”
तुम्हारी आँखों और व्यक्तित्व में बहुत कुछ छिपा है, जिसे शायद तुम खुद नहीं जानते। मैं तुम्हें वह सब दिखाना चाहता/चाहती हूँ।
“एक अनकही सी दास्ताँ, कहने लगेगा आईना”
तुम्हारे अंदर एक ऐसी कहानी है जिसे तुमने कभी शब्दों में नहीं कहा। लेकिन अगर तुम खुद को सही नज़र से देखोगे, तो आईना भी उस कहानी को बयान करने लगेगा।
“सुभानअल्लाह” का भाव
“सुभानअल्लाह, जो हो रहा है पहली दफ़ा है, वल्लाह ऐसा हुआ”
यहाँ “सुभानअल्लाह” आश्चर्य और प्रशंसा व्यक्त करने के लिए है—जैसे कोई कह रहा हो:
वाह! यह एहसास मेरे लिए बिल्कुल नया है। मैंने पहले कभी ऐसा महसूस नहीं किया। सचमुच, कुछ असाधारण हो रहा है।
यह केवल सामने वाले की सुंदरता की तारीफ़ नहीं है, बल्कि उसके कारण पैदा हुए नए प्रेम और नए एहसास की भी बात है।
“मेरी ख़ामोशी से बातें चुन लेना…”
“मेरी ख़ामोशी से बातें चुन लेना, उनकी डोरी से तारीफ़ें बुन लेना”
इसका बहुत खूबसूरत अर्थ है। वक्ता कहता है कि मेरी चुप्पी को भी समझ लेना। मैं जो शब्दों में नहीं कह पाता/पाती, उन्हें मेरी ख़ामोशी से समझ लो और उन्हीं भावनाओं से मेरी तारीफ़ों की एक खूबसूरत कहानी बना लो।
यानी प्रेम इतना गहरा है कि बोलने की ज़रूरत नहीं पड़ती—ख़ामोशी भी संवाद बन जाती है।
“कल नहीं थी जो, आज लगती हूँ…”
“कल नहीं थी जो, आज लगती हूँ, तारीफ़ मेरी है ख़ामख़ाँ”
यहाँ एक परिवर्तन की भावना है। कल तक जो खूबसूरती या आत्मविश्वास महसूस नहीं होता था, आज वह महसूस होने लगा है।
“तोहफ़ा है तेरा मेरी अदा”
मेरी यह खूबसूरती, मेरा यह अंदाज़ और मेरा यह आत्मविश्वास तुम्हारे प्यार की वजह से है।
अर्थात, तुम्हारी नज़र ने मुझे मेरे ही अंदर की खूबसूरती से परिचित कराया है।
“एक दिन कभी जो खुद को पुकारे…”
“मेरी ज़बाँ से तू ज़रा”
अगर तुम कभी खुद को मेरी ज़ुबान से सुनो, यानी खुद को वैसे सुनो जैसे मैं तुम्हारे बारे में सोचता/सोचती हूँ, तो तुम्हें अपने बारे में एक बिल्कुल अलग एहसास होगा।
यहाँ प्रेमी सामने वाले को बताना चाहता है कि मेरी नज़र में तुम्हारी कीमत और खूबसूरती शायद तुम्हारी अपनी सोच से कहीं ज्यादा है।
“तुझमें छुपी सी जो शायरी है…”
यह पंक्ति कहती है कि तुम्हारे व्यक्तित्व में अपने आप में एक कविता छिपी हुई है। तुम्हारे अंदर ऐसी खूबसूरती और भावनाएँ हैं जिन्हें शब्दों में पूरी तरह बयान करना आसान नहीं।
“तुझको सुनाऊँ मैं ज़रा”
मैं तुम्हें तुम्हारे अंदर छिपी उस कविता से परिचित कराना चाहता/चाहती हूँ।
“ये तो दिलों का वास्ता…”
“ये तो दिलों का वास्ता, खुल के बताया जाए ना”
हम दोनों के बीच जो रिश्ता और भावना है, वह दिल का रिश्ता है। ऐसी भावनाओं को हमेशा खुलकर शब्दों में बताना संभव नहीं होता।
कभी-कभी दिल की बात दिल ही समझता है।
पूरे गाने का सरल हिंदी में मतलब
पूरे गाने में एक प्रेमी अपने प्रिय व्यक्ति से कह रहा है:
“काश तुम कभी खुद को मेरी आँखों से देख पाओ। तब तुम्हें पता चलेगा कि तुम मेरे लिए कितने खूबसूरत और खास हो। तुम्हारे अंदर ऐसी बहुत-सी बातें और खूबसूरती छिपी है, जिन्हें शायद तुम खुद भी नहीं पहचानते। तुम्हारी ख़ामोशी तक मेरे लिए बहुत कुछ कहती है।
तुम्हारे प्यार और मेरी नज़र ने मुझे भी अपने अंदर की खूबसूरती पहचानना सिखाया है। जो आत्मविश्वास और खूबसूरती आज मुझे अपने अंदर दिखाई देती है, वह तुम्हारे प्रेम का तोहफ़ा है।
तुम्हारे अंदर एक अनकही कविता है और मैं तुम्हें वह कविता सुनाना चाहता/चाहती हूँ। हमारे बीच जो रिश्ता है, वह सिर्फ शब्दों का नहीं बल्कि दिलों का रिश्ता है। शायद इसी वजह से यह एहसास इतना नया, खूबसूरत और खास लग रहा है—जैसे जिंदगी में पहली बार ऐसा कुछ हुआ हो।”
गाने की सबसे खूबसूरत भावना
इस गाने का मूल संदेश सिर्फ “तुम खूबसूरत हो” नहीं है।
बल्कि यह है:
“तुम्हें अपनी खूबसूरती का एहसास मेरी नज़र से होता है, और मुझे अपनी खूबसूरती का एहसास तुम्हारे प्यार से।”
यही वजह है कि “Subhanallah” में तारीफ़, प्रेम, आत्म-खोज और पहली बार प्यार महसूस करने का आश्चर्य एक साथ दिखाई देता है।
Subhanallah Song Lyrics in English
Ek din kabhi jo khud ko tarashe
Meri nazar se tu zara
Haye re
Aankhon se teri kya kya chhupa hai
Tujhko dikhao main zara
Haye re
Ek aakahi si daastaan daastaan
Kehne lagega aaina
Subhanallah
Jo ho raha hai pehli dafaa hai
Wallah, aisa hua
Subhanallaah
Jo ho raha hai pehli dafaa hai
Wallaah, aisa hua
Meri khaamosi se baatein chun lena
Unki doree se taarifein bun lena
Haan, meri khaamosi se baatein chun lena
Unki doree se taarifein bun lena
Kal nahi thi jo aaj lagti hoon
Taareef meri hai khaamakha
Tohfa hai tera meri adaa
Haan ek din kabhi jo khud ko pukarein
Meri zubaan se tu zara
Haaye re
Tujh mein chhupi si jo shayari hai
Tujhko sunaoon main zara
Haaye re
Ye to dilon ka waasta, waasta
Khul ke bataayein jaaye na
Subhanallaah
Jo ho raha hai pehli dafaa hai,
Wallah, aisa hua
Subhanallaah
Jo ho raha hai pehli dafaa hai,
Wallah, aisa hua
Subhanallaah
Jo ho raha hai, pehli dafaa hai, wallah, aisa hua
Subhanallaah
Jo ho raha hai pehli dafaa hai
Wallah, aisa hua
Lyrics Meaning In English
Here’s the English meaning of the lyrics, keeping the romantic and poetic feeling rather than translating every word literally:
English Meaning
“Ek din kabhi jo khud ko tarashe,
Meri nazar se tu zara, haaye re”
One day, if you ever look at yourself and admire yourself,
just try seeing yourself through my eyes. Oh, what a sight!
“Aankhon se teri kya kya chhupa hai,
Tujhko dikhao main zara”
There are so many beautiful things hidden within your eyes and your personality
that I wish I could show you yourself as I see you.
“Ek ankahee si daastaan,
Kehne lagega aaina”
Your reflection in the mirror would begin telling
an untold story about how beautiful you truly are.
“Subhanallah, jo ho raha hai pehli dafaa hai,
Wallah, aisa hua”
Subhanallah — what is happening feels completely new,
I swear, I have never experienced anything like this before.
“Meri khaamoshi se baatein chun lena,
Unki doree se taarifein bun lena”
Understand the words hidden in my silence
and weave those unspoken feelings into beautiful compliments.
**“Kal nahi thi jo, aaj lagti hoon,
Taareef meri hai khaamakha,
Tohfa hai tera meri ad
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